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राजस्थान के 150 गांवों के 8,000 साइबर ठग रोजाना 2.4 करोड़ रुपये लूट रहे हैं, एक झोपड़ी में कॉल सेंटर | राजस्थान के 150 गांवों के 8,000 साइबर ठग रोजाना 2.4 करोड़ रुपये लूट रहे हैं, एक झोपड़ी में कॉल सेंटर है

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जयपुर2 घंटे पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना

इन ठगों का कॉल सेंटर

  • मेवात के साइबर ठगों ने केवल 5 मिनट में आधार-पैन कार्ड का क्लोन बना लिया

झारखंड में जामताड़ा देश भर में साइबर धोखाधड़ी के लिए कुख्यात है लेकिन अब राजस्थान में मेवात जामताड़ा से आगे निकल गया है। देश में साइबर धोखाधड़ी के लगभग 70% मामले मेवात से जुड़े हैं। जामताड़ा में केवल कार्ड क्लोनिंग की जाती है। अन्य सभी प्रकार के साइबर धोखाधड़ी मेवात के कारण होते हैं। मेवात 3 राज्य का सीमावर्ती क्षेत्र है। हरियाणा में नूंह, यूपी में मथुरा और राजस्थान में भरतपुर, अलवर और भिवाड़ी। अगर भास्कर साइबर धोखाधड़ी के इस नेटवर्क का पता लगाता है, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आती हैं। जेलों के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त करके, ठगों ने यहां अपना घर बना लिया है। यहां तक ​​कि अशिक्षित और 10 वीं कक्षा के नपा के युवा हर दिन 300-400 लोगों को धोखा देते हैं। शहर के 150 गाँवों में प्रतिदिन 1.6 करोड़ से 2.4 करोड़ तक के 3 8 हजार साइबर ठग। तक धोखा देती है। नकली बैंक कर्मचारी या नकली व्यापारी बनने सहित हर तरह से, हर ठग दिन में 3,000 रुपये कमाता है। तक की कमाई।

भरतपुर-कामनु गाँधी गाम झोंपड़ी में एक साथ 5 ठग बैठे थे। हमने पूछा- तुम यह सब कैसे करते हो? तो चलिए बताते हैं- फेसबुक-ओएलएक्स पर सस्ते में महंगी चीजें बेच देते हैं, इसीलिए लोग सामने से फोन करते हैं। ठगों ने अंग्रेजी में 5-7 वाक्य याद किए हैं। प्रत्येक कॉल पर इन वाक्यों को दोहराएं।

एक हजार लोग नकली आधार-पैन कार्ड बनाते हैं, उनमें से अधिकांश अलवर या भिवाड़ी से हैं
फर्जी आधार कार्ड बनाने को लेकर भिवाड़ी से दोपहर तक रास्ते में ई-मित्रा पर बलकार सिंह से बात की। उसने रु। पूछा गया। कंप्यूटर पर किसी और के आधार पर फोटो-पता बदल दिया और 5 मिनट में कार्ड बनाया।

दो हजार लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए 50-50 सिम खरीदते हैं और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचते हैं
अलवर-भिवाड़ी रोड पर एक फोन दुकानदार गुरमीत सिंह से रिपोर्टर ने सिम लिया तो उसने फर्जी आधार देकर पूरा नेटवर्क समझा दिया। ठग फर्जी दस्तावेजों पर 400 रुपये में सिम खरीदता है। दुकानदार को 80 रु। कमीशन देता है।

पांच हजार लोग खाते में धोखाधड़ी की राशि मांगते हैं, जिसके लिए वे कमीशन भी लेते हैं
5 महीने पहले खेड़ा के यूनुस गिरोह में शामिल हो गए। गिरोह के सदस्यों को उसके खाते में पैसा जमा करना चाहिए। 12% कमीशन काटकर यूनुस ने रिफंड किया उस महीने औसतन 50 से 80 हजार रु। कमाते हैं। ऐसे लोगों की संख्या 5 हजार है। साथ ही खाते को किराए पर दे दिया।

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Updated: April 12, 2021 — 12:49 am

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