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चीनियों ने अरुणाचल प्रदेश के पास भूटानी क्षेत्र में एक गाँव की स्थापना की, और यहाँ सेना के शिविर और बिजली संयंत्र भी बनाए। | चीनियों ने अरुणाचल प्रदेश के पास भूटानी क्षेत्र में एक गाँव की स्थापना की, और यहाँ सेना के शिविर और बिजली संयंत्र भी बनाए।

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  • चीनियों ने अरुणाचल प्रदेश के पास भूटानी क्षेत्र में एक गाँव स्थापित किया, और यहाँ सेना के शिविर और बिजली संयंत्र भी बनाए।

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बीजिंग / थिम्फू6 मिनट पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना
  • भूटान की जमीन पर कब्जा करने के पीछे मुख्य मकसद भारत को निशाना बनाना है

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने दावा किया है कि चीन ने भूटान के 8 किलोमीटर के दायरे में ग्यालफुग नाम का गांव बसा लिया है। चीन ने यहां सड़कें, इमारतें और एक पुलिस थाना और एक सैन्य अड्डा भी बनाया है। गांव में एक बिजली संयंत्र, एक गोदाम और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का कार्यालय भी है। एक शोध पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट को टंकी ऑस्ट्रेलियन मीडिया ने प्रकाशित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के कब्जे वाले ग्यालफुंग गांव में 100 से ज्यादा लोग और इतनी ही संख्या में याक हैं। यहां निर्माण श्रमिकों की भी काफी संख्या है। रिपोर्ट के मुताबिक यह इलाका भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश के काफी करीब है और चीन भी अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा कर रहा है। इन परिस्थितियों में माना जा रहा है कि भूटान की जमीन पर कब्जा करने के पीछे मुख्य मकसद भारत को निशाना बनाना है।

दोनों देशों के बीच 470 किमी लंबी सीमा
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने महसूस किया है कि तिब्बत चीन का विरोध नहीं कर सकता, जिसकी आबादी 1.4 अरब है। चीनी सैनिकों ने यहां एक बड़ा बैनर लगाया है। जिसमें लिखा है कि शी जिनपिंग पर भरोसा रखें। हाल ही में सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के बीच कुनमिंग में 25 बैठकें हुई थीं। दोनों देश 470 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। हालांकि, सीमा के बंटवारे को लेकर भूटान और चीन के अलग-अलग तर्क हैं।

उन्होंने चीन के 1980 के नक्शे पर भूटान में अपना गांव दिखाया
इस जमीन पर कब्जा कर चीन 1998 के समझौते का उल्लंघन कर रहा है। इस जमीन पर चीन के कब्जे से भूटान के लोगों में निराशा है। रिपोर्ट के मुताबिक 1980 में चीन के एक नक्शे में भूटान के अंदर ग्यालफुग दिखाया गया था। भूटान का यह भी मानना ​​है कि चीन जिस जमीन पर दावा कर रहा है वह उसके लिए नई है। चीन ने पहले कभी इस जीन का दावा नहीं किया है।

भूटान की 12 फीसदी जमीन पर चीन का दावा
चीन के विशेषज्ञ रॉबर्ट बर्नेट का कहना है कि चीन विशेष रणनीति के तहत इसकी तैयारी कर रहा है। वह चाहता है कि भूटान उसका विरोध करे और उसके कार्यों के कारण कब्जे वाले क्षेत्रों पर दावा करे। बर्नेट का कहना है कि बौद्ध आबादी वाले भूटान और चीन के कब्जे वाले तिब्बत के बीच कई समानताएं हैं।

चीन के मुकाबले भूटान के भारत के साथ बेहतर संबंध हैं। भूटान भी अपना अधिकांश व्यापार भारत के साथ कर रहा है। इसके विपरीत चीन के पास भूटान में ऐसा कोई अवसर नहीं है। चीन भूटान के कुल क्षेत्रफल के 12 प्रतिशत पर अपना दावा करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ताकत बढ़ने के साथ-साथ चीन की भव्यता भी बढ़ रही है। इसी तरह चीन दक्षिण चीन सागर के अधिकतर हिस्से पर अपना दावा कर रहा है।

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Updated: May 23, 2021 — 1:47 pm

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