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एसयूवी-बड़ी कारों की अंधाधुंध हेडलाइट्स की बड़ी समस्या भारत में रात में होने वाले 33% दुर्घटनाओं का कारण है। | एसयूवी-बड़ी कारों की अंधाधुंध हेडलाइट्स की बड़ी समस्या भारत में रात में होने वाले 33% दुर्घटनाओं का कारण है।

न्यूयॉर्कएक घंटे पहले

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  • हेडलाइट्स अमेरिकियों की नई समस्या, 14 हजार लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया

अमेरिका के आयोवा के 48 वर्षीय सीन देवारिस ने जब गाड़ी चलाते समय एक कार की हेडलाइट चमकती हुई देखी तो उसने अपनी आँखें बंद कर लीं। “मुझे यह आदत पिछले दो सालों से है,” शॉन कहते हैं। एसयूवी और बड़ी कारों की हेडलाइट्स भी मेरी आंखों में दर्द का कारण बनती हैं। कभी-कभी इतना दर्द होता है कि मैं अपनी आँखें बाहर निकाल देता हूँ। सीन के डॉक्टर का कहना है कि उन्हें ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी कोई समस्या नहीं है। तो उनकी आंखों के दर्द का सबसे बड़ा कारण कार की हेडलाइट्स हैं।

हेडलाइट्स की उन्नत तकनीक की बदौलत हम रात में और खराब मौसम में भी आसानी से गाड़ी चला सकते हैं। हालांकि, रात में कार की हेडलाइट्स से निकलने वाली रोशनी के मुद्दे का व्यापक विरोध हुआ है। संयुक्त राज्य अमेरिका में 14,000 लोगों ने भी इस समस्या के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। एक अमेरिकी गैर-सरकारी संगठन ने पहली बार 2016 में हेडलाइट रेटिंग जारी की थी। कुल 80 प्रकार की हेडलाइट्स में से केवल एक को अच्छी रेटिंग मिली। यहां तक ​​कि इस साल की रेटिंग भी 25 फीसदी ही अच्छी है। जब लोगों ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया तो 4,000 से अधिक लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन को लिखित रूप में शिकायत की। उनमें से 30% का कहना है कि हम रात में हेडलाइट्स से तंग आ चुके हैं। हेडलाइट रियर व्यू मिरर से आती है, जिससे आंखें भी बंद हो जाती हैं। इनमें से 11% शिकायतकर्ता 65 वर्ष से अधिक आयु के हैं और 45% 35 से 54 वर्ष की आयु के हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर की उम्र 18 से 24 साल के बीच है।

फॉर्च्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 74 फीसदी वाहन अनावश्यक रूप से हाई बीम का इस्तेमाल करते हैं। रोड एक्सीडेंट फोरम का दावा है कि भारत में रात में होने वाली 33 फीसदी दुर्घटनाएं हाई बीम लाइट के गलत इस्तेमाल के कारण होती हैं। अभी भी ऐसे लोग हैं जो यह भी नहीं जानते कि कार में हाई और लो बीम क्या होता है।

स्वचालित बीम समायोजन तकनीक प्रभावी: विशेषज्ञ
इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाईवे सेफ्टी टेक्नोलॉजी के डेविड यूलर के मुताबिक हाई बीम असिस्ट टेक्नोलॉजी की समस्या को हल किया जा सकता है। जब कार को सामने से संकेत दिया जाता है, तो यह प्रकाश को कम बीम में बदल देता है। अनुकूली ड्राइविंग बीम तकनीक का उपयोग यूरोप में किया जाता है। प्रकाश प्रौद्योगिकी में शामिल एक रेट्रोफिट स्रोत मैट कोसॉफ का कहना है कि तकनीक सेंसर आधारित है। यह यातायात का अनुमान लगाकर सामने वाले व्यक्ति को परेशान किए बिना पर्याप्त प्रकाश के साथ एक बीम पैटर्न बनाता है। आईईएम एलईडी लाइटिंग टेक्नोलॉजी की प्रमुख निसा खान का कहना है कि रोशनी का असर आंखों पर पड़ता है। इसलिए हेडलाइट की रोशनी में ऑटोमेटिक बैलेंस होना जरूरी है।

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Updated: June 7, 2021 — 11:22 pm

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