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वैक्सीन की एकल खुराक, कोविड -19 वैक्सीन, डेल्टा संस्करण और वायरस के अन्य प्रकारों पर बहुत प्रभावी है। | वैक्सीन की एकल खुराक डेल्टा संस्करण और वायरस के अन्य उपभेदों के खिलाफ बहुत प्रभावी है।

न्यू जर्सी9 मिनट पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना
  • कम से कम आठ महीने तक टीका प्राप्त करने वाले लोगों में इम्यूनोसप्रेशन देखा गया

कोरोनावायरस के डेल्टा वेरियंट से पूरी दुनिया नाराज है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैरिएंट इतना संक्रामक और मजबूत है कि वैक्सीन का उस पर ज्यादा असर नहीं हो रहा है। हालांकि डेल्टा वेरिएंट पर हर वैक्सीन कंपनी के अपने-अपने दावे हैं। अब जॉनसन एंड जॉनसन का दावा है कि इसकी सिंगल डोज कोविड-19 वैक्सीन डेल्टा वैरिएंट और वायरस के अन्य स्ट्रेन पर काफी असरदार है।

आठ महीने तक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया देखी गई
जॉनसन एंड जॉनसन का कहना है कि इसका टीका संक्रमण से दोहरी सुरक्षा प्रदान करता है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, जिन लोगों को वैक्सीन मिली है, उनमें कम से कम आठ महीने तक इम्यून रिस्पॉन्स देखा गया है। कंपनी का कहना है कि इसकी वैक्सीन 85 फीसदी असरदार है। साथ ही यह अस्पताल में भर्ती होने और मौत से भी बचाता है।

आठ महीने के आंकड़े बताते हैं कि जॉनसन एंड जॉनसन का सिंगल-शॉट वैक्सीन मजबूत न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी का उत्पादन करता है, जो समय के साथ बढ़ता है, जॉनसन एंड जॉनसन के शोध प्रमुख डॉ। मथाई मैमन ने कहा।

सभी प्रकारों के खिलाफ मजबूत न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी
कंपनी का कहना है कि डेटा में जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन प्राप्तकर्ताओं में डेल्टा सहित सभी वेरिएंट के खिलाफ मजबूत न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी पाए गए। कंपनी ने बायोरेक्सिव पर प्रीप्रिंट के रूप में अपना वैक्सीन डेटा जमा किया है। हालांकि इस अध्ययन की अभी तक समीक्षा नहीं की गई है।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, कोरोना का डेल्टा वेरिएंट अब धीरे-धीरे कई देशों में फैल रहा है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में अब तक डेल्टा संस्करण से लगभग 117 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 50 साल से अधिक उम्र के 109 लोग शामिल हैं। 50 लोग ऐसे भी हैं जिन्हें टीके की दोनों खुराकें मिल चुकी हैं।

WHO ने डेल्टा वेरिएंट पर जारी की कड़ी चेतावनी
ब्रिटेन में कुछ दिन पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक फाइजर की दोनों खुराक लेने के बाद डेल्टा वेरिएंट 88% तक बचा सकता है। हालांकि एस्ट्रोजन इस घातक रूप से 60 प्रतिशत तक बचा सकता है।

अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच) के एक अध्ययन से यह भी पता चला है कि इंडिया बायोटेक का कोवासिन बहुत प्रभावी है। एनआईएच का कहना है कि कोवासिन कोविड-19 के अल्फा और डेल्टा वेरिएंट को भी प्रभावी ढंग से हरा सकता है।

डब्ल्यूएचओ ने डेल्टा वेरिएंट पर कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि जिन लोगों को पूरी तरह से टीका लगाया गया है, उन्हें भी सतर्क रहने की जरूरत है। जिन लोगों ने टीके की दो खुराक ली है, वे भी मास्क पहनते हैं, शारीरिक दूरी बनाए रखते हैं और हाथ की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हैं।

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Updated: July 2, 2021 — 7:30 am

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