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हसीन दिलरुबा की फिल्म समीक्षा | बीच में उलझा है ‘हुसैन दिलरुबा’ का मकसद

मुंबई27 मिनट पहलेलेखक: अमित कर्ण

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रेटिंग 3/5
स्टार कास्ट तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी, हर्षवर्धन राणे, आदित्य श्रीवास्तव
निदेशक विनील मैथ्यू
निर्माता आनंद एल राय
संगीत अमित त्रिवेदी

‘जजमेंटल है क्या’ और ‘मनमर्जिया’ फेम कनिका ढिल्लों की कहानी फीमेल लीड के नजरिए से है। वर्जित प्रश्न हैं। ‘हसीन दिलरुबा’ भी कुछ ऐसी ही है। मुख्य भूमिका रानी कश्यप (तापसी पन्नू) है। वह दिल्ली की रहने वाली हैं। वह दिनेश पंडित के उपन्यास से अभिभूत हैं। इच्छाएं समुद्र की तरह गहरी हैं। एक सर्वांगीण जीवन साथी की तलाश में। संयोग से, ऋषभ (विक्रांत मेसी) उसे पसंद करता है। दोनों की शादी हो जाती है। इस बीच, रानी का विवाहेतर संबंध है। उसका नील (हर्षवर्धन राणे) के साथ रिश्ता है। फिर एक धमाके में किसी की जान चली जाती है। रानी को जवाबदेह ठहराया जाता है। इसे चरित्रहीन कहा जाता है। पुलिस इंस्पेक्टर रावत (आदित्य श्रीवास्तव) भी इसी पूर्वाग्रह के साथ रानी के सवालों का जवाब देते हैं। अंत में क्या होता है, इस पर एक फिल्म है।

विनील मैथ्यू के निर्देशन में कनिका ढिल्लों प्रभावशाली हैं। उनकी कहानी वैवाहिक जीवन के एक महत्वपूर्ण प्रश्न को छूती है। पात्रों की परीक्षा एक कठिन परिस्थिति में होती है। उन्होंने जो किया उसके लिए उन सभी को कोई दोष नहीं है। ये सारी चीजें फिल्म को कच्चा और असली बनाती हैं। परेशानी तब शुरू होती है जब आप इसमें एक क्रेजी ट्विस्ट लाने की कोशिश करते हैं। यह सब फिल्म के अंत का अनुमान लगाने योग्य बनाता है। रहस्य, रोमांच की अनुभूति कम हो जाती है। रानी ऋषभ, नील को पुलिस जांच के साथ-साथ एक अच्छी पटकथा की जरूरत थी। इससे फिल्म का मकसद और सब्जेक्टिव हो सकता था। यहां फिल्म मकसद और मुद्दे के बीच फंस जाती है।

कलाकारों ने जोरदार अभिनय किया है। तापसी, विक्रांत, हर्षवर्धन राणे, आदित्य श्रीवास्तव, दयाशंकर पांडे, आशीष वर्मा ने अपने किरदार के साथ न्याय किया है। पूरी फिल्म तापसी पन्नू के कंधों पर है। तापसी ने रानी कश्यप के परिपक्‍वता के किरदार को बहुत ही अलग नजरिए से बखूबी निभाया है।

विक्रांत मेसी ने भी मौके का पूरा फायदा उठाया है। उन्होंने किरदार को जीवंत किया है। नकारात्मक भूमिका में हर्षवर्धन राणे कमल हैं। आदित्य श्रीवास्तव ने यहां सीआईडी ​​का अपना सिग्नेचर रोल रखा है। बीच-बीच में किरदार को ह्यूमर बनाया जाता है। ज्वालापुर ने एक स्थान के रूप में हरिद्वार की सुंदरता पर कब्जा कर लिया है। गीत संगीत स्थिति के अनुकूल है।

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Updated: July 2, 2021 — 7:57 am

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