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जून में जीएसटी संग्रह घटकर 92,849 करोड़ रुपये रहा, जो नौ महीने में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से कम है जून में जीएसटी संग्रह घटकर 92,849 करोड़ रुपये रहा, जो नौ महीने में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से कम है

मुंबई8 मिनट पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना
  • इससे पहले सितंबर 2020 में जीएसटी कलेक्शन 95,480 करोड़ रुपये था

देश का वस्तु सेवा कर (जीएसटी) संग्रह नौ महीने में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया है। जून में जीएसटी संग्रह घटकर 92,849 करोड़ रुपये रह गया, जो मई में 1.02 लाख करोड़ रुपये था। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले सितंबर 2020 में जीएसटी कलेक्शन 95,480 करोड़ रुपये था।

जून में सकल जीएसटी राजस्व को देखें तो केंद्र सरकार का हिस्सा सीजीएसटी यानी 16,424 करोड़ रुपये, राज्यों का हिस्सा यानी एसजीएसटी 20,397 करोड़ रुपये और आईजीएसटी का हिस्सा 49,079 करोड़ रुपये है, जिसमें सेस के 6,949 करोड़ रुपये शामिल हैं। बयान के मुताबिक जून में जीएसटी राजस्व पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2 फीसदी अधिक रहा।

करदाताओं को राहत get
जीएसटी संग्रह का आंकड़ा 5 जून से 5 जुलाई के बीच है। इस दौरान कई तरह के टैक्स में राहत दी गई। इसमें आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा को 15 दिनों तक बढ़ाना भी शामिल है। इसके अलावा ब्याज दरों में कटौती को भी शामिल किया गया है। सरकार ने जून में आईजीएसटी से 19,286 करोड़ रुपये और 16,939 करोड़ रुपये के एसजीएसटी को नियमित निपटान के जरिए निपटाया।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जून के लिए जीएसटी संग्रह मई के दौरान किए गए व्यापारिक लेनदेन से संबंधित है। इस बीच, अधिकांश राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लागू था। मई में ई-वे बिल जनरेशन का आंकड़ा 30 फीसदी गिर गया। यानी मई में 3.99 करोड़ ई-वे बिल सृजित किए गए, जबकि अप्रैल में यह 5.88 करोड़ था।

लॉकडाउन खुलते ही कारोबार और ट्रेंड में रिकवरी
जून में 5.5 करोड़ ई-वे बिल सृजित किए गए। इससे पता चलता है कि रुझान और कारोबार पटरी पर लौट रहा है। रोजाना औसत बिल जनरेशन डेटा पर नजर डालें तो 20 जून से शुरू होने वाले हफ्ते तक ई-वे बिल की संख्या 20 लाख पहुंच गई है। यह आंकड़ा पहली बार अप्रैल 2021 के पहले सप्ताह में देखा गया था। जबकि 9-22 मई के दौरान हर दिन औसतन 12 लाख ई-वे बिल जेनरेट हुए।

आप भी जीएसटी का भुगतान करें
किसी भी तरह से अगर आप कोई लेनदेन करते हैं तो आपको जीएसटी का भुगतान करना होगा। इस तरह यदि आप व्यापार करते हैं तो आप अपने सामने ग्राहक को बिल में जीएसटी जोड़कर भुगतान करते हैं और उसके साथ ही ग्राहक आपको भुगतान करता है। बाद में आपको इसका जीएसटी हिस्सा अगले महीने की 20 तारीख तक जमा करना होगा। जीएसटी के लिए देश में अलग-अलग टैक्स स्लैब हैं।

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Updated: July 6, 2021 — 1:27 pm

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