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बैड लोन को कम करने के लिए एक बैड बैंक की स्थापना की गई है और एक पूर्व एसबीआई बैंकर को बागडोर दी गई है | बैड लोन को कम करने के लिए एक बैड बैंक की स्थापना की गई है और एसबीआई के एक पूर्व बैंकर को बागडोर दी गई है

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  • बैड लोन को कम करने के लिए एक बैड बैंक की स्थापना की गई है और एक पूर्व एसबीआई बैंकर को बागडोर दी गई है

नई दिल्ली20 घंटे पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना
  • भारतीय बैंकों को जल्द ही लाखों करोड़ के एनपीए से छूट मिलेगी

भारत में बैंकों के फंसे कर्ज को कम करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले की घोषणा के अनुसार, बैड लोन बैंक का पंजीकरण नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड द्वारा किया गया था। पीट को कंपनी रजिस्ट्रार के सामने पेश किया गया है। कंपनी रजिस्ट्रार के समक्ष दाखिल फाइलिंग के मुताबिक पद्मकुमार माधवन नायर को एनएआरसीएल का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

नायर ने पहले भारतीय स्टेट बैंक में एनपीए के निपटान के लिए काम किया है। इंडियन बैंक के सीईओ सुनील मेहता इसके निदेशक होंगे जबकि एसबीआई के साली सुकुमारन नायर और केनरा बैंक के अजीत कृष्णन नायर बोर्ड में नामित निदेशक होंगे। एनआरसीएल के पंजीकरण से बैंकों के बैलेंस शीट से बकाया कर्ज कम करने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा।

एनएआरसीएल की चुकता पूंजी 74.60 करोड़ रुपये होगी। बैड बैंक बनने से भारतीय बैंकों को एनपीए के बोझ से राहत मिलेगी। साथ ही नए ऋण आवंटित करने में सक्रिय हो जाते हैं। अब निवेशक देख रहे हैं कि यह बैड लोन बैंक एनपीए की समस्या को हल करने के लिए कितने कारगर तरीके से काम करेगा।

ऐसे काम करेगा एनएआरसीएलCL
NARCL की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट में की थी। इसे बैंकों के एनपीए को संबोधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रु. 500 करोड़ से ज्यादा बैंकों के करीब 80 एनपीए खाते बैड बैंक में ट्रांसफर किए जाएंगे। जिसमें से लगभग रु. बैंक खातों से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एनपीए को हटाकर एनएआरसीएल में शामिल किया जाएगा।

आरबीआई का सितंबर तक डूबे कर्ज के 13.5 फीसदी होने का अनुमान
आरबीआई ने इस साल की शुरुआत में अनुमान लगाया था कि सितंबर तक बैंकों का खराब कर्ज अनुपात 13.5 फीसदी से बढ़कर 14.8 फीसदी हो सकता है। सितंबर 2020 में यह अनुपात 7.5 फीसदी था। अगर यह आंकड़ा सही साबित होता है तो फंसे कर्ज का अनुपात पिछले 24-25 साल के चरम पर पहुंच जाएगा। इससे पहले 1996 में एनपीए अनुपात 16 फीसदी था। सरकारी बैंकों के बैंक समूह में सबसे अधिक एनपीए हैं। सितंबर 2020 में सरकारी बैंकों का एनपीए अनुपात 9.7 फीसदी था। जो इस साल सितंबर में बढ़कर 16.2 फीसदी होने की उम्मीद है।

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Updated: July 15, 2021 — 6:29 pm

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