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शेयर बाजार में डीलिस्टिंग रेट हुआ दोगुना, छह महीने में 13 कंपनियों को किया डीलिस्टिंग | शेयर बाजार में डीलिस्टिंग रेट हुआ दोगुना, छह महीने में 13 कंपनियां हुई डीलिस्टlist

नई दिल्ली33 मिनट पहले

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चालू कैलेंडर वर्ष के पहले छह महीनों के दौरान शेयर बाजार में डीलिस्टिंग दर पिछले 3 वर्षों की तुलना में दोगुनी से अधिक हो गई है। इस दौरान कुल 13 कंपनियों को शेयर बाजार से डीलिस्ट किया गया है। प्राइमडेटाबेस के मुताबिक, जून 2021 तक 13 कंपनियों ने रुपये जुटा लिए होंगे। 770.22 करोड़ रुपये के इश्यू साइज के साथ डीलिस्टिंग ऑफर जारी किया। जिसमें उन्होंने रु. 474.58 करोड़। जबकि पिछले साल कुल 15 कंपनियों को डीलिस्ट किया गया था।

2016 से 2019 तक बाजार से डीलिस्टेड की संख्या सिंगल डिजिट में देखी गई। हालांकि, पिछले साल की कोरोना महामारी ने व्यापार को बाधित कर दिया। वित्तीय संकट के मद्देनजर कंपनियों के बीच डीलिस्टिंग बढ़ी है। इसके अलावा, कई कंपनियों को अन्य कंपनियों के साथ विलय के कारण डीलिस्ट किया गया है।

एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक डीलिस्टेड कंपनियों में से 7 ने स्वेच्छा से डीलिस्ट किया है। जबकि ज्यादातर कंपनियां लिक्विडेशन के तहत डीलिस्ट हो चुकी हैं। इससे पहले 2014 में 22 कंपनियों को डीलिस्ट किया गया था। तब से लेकर 2019 तक डीलिस्टेड कंपनियों की संख्या में गिरावट जारी रही। कुल डीलिस्टेड कंपनियों में से एसएमई की संख्या नगण्य है।

दूसरी ओर, चालू कैलेंडर वर्ष के दौरान घोड़ापुर में आईपीओ में कुल 23 कंपनियों को सूचीबद्ध किया गया है। सेबी ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें व्यवस्था की एक योजना के माध्यम से डीलिस्ट करने की योजना बनाने वाली कंपनियों को डीलिस्टिंग सुविधा प्रदान की गई है। सूचीबद्ध कंपनियों के ढेर की सहायक कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं। अधिकांश व्यवसाय एक ही है। उनके लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

47 कंपनियों को डीलिस्ट करने की योजना
एक और 47 कंपनियां एनएसई द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर एनएसई से डीलिस्ट करने की योजना बना रही हैं। इनमें गीतांजलि जेम्स, स्टर्लिंग बायोटेक और अन्य मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों का अनुपात सबसे ज्यादा है। सूची में पसंदीदा पेय पदार्थ, गुजरात एनआरई कोक, वैल्यू इंडस्ट्रीज, एमटेक ऑटो, नकोड़ा, सुराना कॉर्पोरेशन, बीएस लिमिटेड, लक्ष्मी एनर्जी एंड फूड्स लिमिटेड, प्रतिभा इंडस्ट्रीज, भारती डेफ-इंफ्रा लिमिटेड शामिल हैं। जैसे पिछले एक साल से सस्पेंड और डिफॉल्ट करने वाली कंपनियां।

8862 करोड़ रुपये में से 31 कंपनियों का अधिग्रहण किया गया
चालू कैलेंडर वर्ष में 31 सूचीबद्ध कंपनियों को एक अन्य कंपनी ने अपने कब्जे में ले लिया है। प्राइमडेटाबेस के मुताबिक, इस साल कंपनी के अधिग्रहण की संख्या बढ़ने की संभावना है। पिछले साल 2020 में कुल 47 कंपनियों का अधिग्रहण किया गया था। इसका सौदा आकार रु। 5304.10 करोड़। 2019 में 57 और 2018 में 66 कंपनियों का अधिग्रहण किया गया। जिसके मुताबिक पिछले 3 सालों में टेकओवर की संख्या में कमी आई है।

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Updated: July 17, 2021 — 11:02 pm

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