Local Job Box

Best Job And News Site

ताजमहल से तीन गुना बड़ा उल्कापिंड धरती के करीब से गुजरेगा; चीन का प्रस्ताव- अपना रास्ता बदलने के लिए रॉकेट भेजो | ताजमहल से तीन गुना बड़ा उल्कापिंड धरती के करीब से गुजरेगा; चीन का प्रस्ताव- अपना रास्ता बदलने के लिए रॉकेट भेजो

वाशिंगटन4 मिनट पहले

  • प्रतिरूप जोड़ना

अंतरिक्ष कुछ दिनों से चर्चा में है। इसके पीछे की वजह वर्जिन के फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन और अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस का स्पेस टूरिज्म है। हालांकि इस बीच अंतरिक्ष से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। नासा ने कहा है कि 24 जुलाई को एक उल्का पृथ्वी से गुजरेगा। जानिए इन दिलचस्प घटनाओं से जुड़ी खास बातें…

कौन सा उल्का है और किस गति से घूम रहा है?
नासा ने उल्का 2008 GO20 नाम दिया है। यह अपोलो श्रेणी का क्षुद्रग्रह है। यह एक स्टेडियम के आकार के बारे में है, ताजमहल के आकार का लगभग तीन गुना है। यह 18 हजार मील प्रति घंटे यानि 8 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है।

पृथ्वी के कितने पास से गुजरेगा क्षुद्रग्रह?
नासा का कहना है कि 24 जुलाई को जब क्षुद्रग्रह गुजरेगा तो पृथ्वी से उसकी दूरी 0.04 एयू यानी 37 लाख 18 हजार 232 मील होगी। पृथ्वी से इसकी दूरी को इस तरह से समझा जा सकता है कि चंद्रमा हमारी सतह से 2 लाख 38 हजार 606 मील दूर है। यानी यह चांद से काफी दूर से गुजरेगा।

क्या क्षुद्रग्रहों के टकराने का खतरा है?
नासा के अनुसार नहीं। उनका कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है। किसी भी स्थिति में उल्का के 26 लाख 5 हजार 509 मील के करीब आने की संभावना नहीं है। हालांकि, इस स्थिति में भी नासा ने इसे NEO ऑब्जेक्ट यानी पृथ्वी के सबसे करीब की वस्तु कहा है। उल्कापिंड के पृथ्वी से टकराने का खतरा बढ़ने पर चीन ने अंतरिक्ष में एक बड़ा रॉकेट भेजने का प्रस्ताव रखा है। ताकि उसकी राह बदल सके।

क्या यह एकमात्र क्षुद्रग्रह है, या कोई और है?
नासा के अनुसार, 2021 NE, 2019 AT6, 2019 NB7 और 2014 BP43 जैसे क्षुद्रग्रह भी 24 जुलाई तक पृथ्वी के चारों ओर से गुजरेंगे। हालांकि किसी से कोई खतरा नहीं है।

एक और खबर भी है…
Updated: July 20, 2021 — 11:43 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Local Job Box © 2021 Frontier Theme